रंग ही रंग चारों ओरबोलो बोलो हर रंग कौनसा
कोई हमे बतलाये माँ के प्यार का रंग कौनसा ?
माँ जब सर पे हाथ फिराए तो माथे का रंग कौनसा ?
सुबह से सांझ सूरज का रंग कौनसा ?
उसकी हंसी का रंग कौनसा ?
उसकी हंसी पे मेरी खुशी का रंग कौनसा ?
सावन की ठंडी फुहार का रंग कौनसा ?
कोमल एड़ी से दबी मिट्टी का रंग कौनसा ?
बोलो बोलो बचपन का रंग कौनसा ?
कुछ बातों का रंग मुझको बतला दो
इन बातों का रंग मुझको बतला दो
वो गली जो बिन कहे मुढ जाती है
वो शाम जब वो बिन कहे आ जाती है
वो रात जो तारों में घुल जाती है
वो बात जो बस होठों पे रह जाती है
वो रंगोली जो बस आधी ही बन पाती है
वो सुबह की चाय जो साँसों में चढ जाती है
वो ओस जो पत्ते से बिन कहे ढलक जाती है
वो नन्ही उम्मीद जो अकेले फलक तक दौड जाती है
वो मेले में खिलौना सा
वो बचपन सलोना सा
माँ की गोद में सोने का
नंगे पाँव दौड़ने का
और वो एहसास तेरे और मेरे होने का
वो रंग कौनसा
बोलो बोलो वो रंग कौनसा